भरत व लक्ष्मण के पुत्रों के लिये राज्य व्यवस्था

भरत व लक्ष्मण के पुत्रों के लिये राज्य व्यवस्था यज्ञ की समाप्ति पर सुग्रीव, विभीषण आदि सहित राजाओं तथा ऋषि-मुनियों ...
Read moreसीता का रसातल प्रवेश

सीता का रसातल प्रवेश सीता के त्याग और तपस्या का वृत्तान्त सुनकर रामचन्द्रजी ने अपने विशिष्ट दूत के द्वारा महर्षि ...
Read moreलव-कुश द्वारा रामायण गान

लव-कुश द्वारा रामायण गान जब लव-कुश अपने रामायण गान से पुरवासियों एवं आगन्तुकों का मन मोहने लगे तब एक दिन ...
Read moreअश्वमेघ यज्ञ का अनुष्ठान

अश्वमेघ यज्ञ का अनुष्ठान सब भाइयों के आग्रह को मानकर रामचन्द्र जी ने वसिष्ठ, वामदेव, जाबालि, कश्यप आदि ऋषियों को ...
Read moreराजा इल की कथा

राजा इल की कथा जब लक्ष्मण ने अश्वमेघ यज्ञ के विशेष आग्रह किया तो श्री रामचन्द्र जी अत्यन्त प्रसन्न हुये ...
Read moreवृत्रासुर की कथा

वृत्रासुर की कथा एक दिन श्रीरामचन्द्रजी ने भरत और लक्ष्मण को अपने पास बुलाकर कहा, “हे भाइयों! मेरी इच्छा राजसूय ...
Read moreराजा दण्ड की कथा

राजा दण्ड की कथा महर्षि अगस्त्य से श्वेत की कथा सुनकर श्रीरामचन्द्र ने पूछा, “मुनिराज! कृपया यह और बताइये कि ...
Read moreपूर्व राजाओं के यज्ञ-स्थल एवं लवकुश का जन्म

पूर्व राजाओं के यज्ञ-स्थल एवं लवकुश का जन्म अयोध्या से प्रस्थान करने के तीसरे दिन शत्रुघ्न ने महर्षि वाल्मीकि के ...
Read moreच्यवन ऋषि का आगमन

च्यवन ऋषि का आगमन एक दिन जब श्रीराम अपने दरबार में बैठे थे तो यमुना तट निवासी कुछ ऋषि -महर्षि ...
Read moreकुत्ते का न्याय

कुत्ते का न्याय श्रीराम के शासन में न तो किसी को शारीरिक रोग होता था, न किसी की अकाल मृत्यु ...
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