हनुमान जी अशोकवाटिका में

हनुमान जी अशोकवाटिका में हनुमान जी सीता की खोज के अपने निश्चय पर अडिग हो गये। उन्होंने प्रण कर लिया ...
Read moreलंका में सीता की खोज

लंका में सीता की खोज इस प्रकार से सुग्रीव का हित करने वाले कपिराज हनुमान जी ने लंकापुरी में प्रवेश ...
Read moreहनुमान जी का लंका में प्रवेश

हनुमान जी का लंका में प्रवेश चार सौ योजन अलंघनीय समुद्र को लाँघ कर महाबली हनुमान जी त्रिकूट नामक पर्वत ...
Read moreसुन्दरकाण्ड – हनुमान का सागर पार करना

सुन्दरकाण्ड – हनुमान का सागर पार करना बड़े बड़े गजराजों से भरे हुए महेन्द्र पर्वत के समतल प्रदेश में खड़े ...
Read moreजाम्बवन्त द्वारा हनुमान को प्रेरणा

जाम्बवन्त द्वारा हनुमान को प्रेरणा वानरों के समक्ष भयंकर महासागर विशाल लहरों से व्याप्त होकर निरन्तर गर्जना कर रहा था। ...
Read moreतपस्विनी स्वयंप्रभा

तपस्विनी स्वयंप्रभा वह गुफा अत्यन्त ही अन्धकारमय थी किन्तु वानरों की दृष्टि उस अन्धकार में भी कार्य कर रही थी। ...
Read moreहनुमान को मुद्रिका देना

हनुमान को मुद्रिका देना वानर यूथपतियों को इस प्रकार की कठोर आज्ञा दे कर सुग्रीव हनुमान से बोला, हे कपिश्रेष्ठ! ...
Read moreसीता की खोज

सीता की खोज लक्ष्मण से प्रेरणा पाकर सुग्रीव ने अपने यूथपतियों के साथ रामचन्द्र जी से मिलने के लिये प्रस्थान ...
Read moreलक्ष्मण-सुग्रीव संवाद

लक्ष्मण-सुग्रीव संवाद श्री रामचन्द्र जी की आज्ञा पाकर, सदैव बड़े भाई के हित में लगे रहने वाले, लक्ष्मण क्रुद्ध होकर ...
Read moreहनुमान-सुग्रीव संवाद

हनुमान-सुग्रीव संवाद पवनकुमार हनुमान शास्त्र-विद्, नीतिज्ञ और सूझबूझ वाले मनीषी थे। कब क्या करना चाहिये और क्या नहीं जैसी बातों ...
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