वन के लिये प्रस्थान

वन के लिये प्रस्थान जैसे कि महाराज ने आज्ञा दी थी, सुमन्त रथ ले आये। राम, सीता और लक्ष्मण ने ...
Read moreपिता के अन्तिम दर्शन

पिता के अन्तिम दर्शन सुमन्त राजा दशरथ के कक्ष में पहुँचे। उन्होंने देखा कि महाराज पुत्र-वियोग की आशंका से ...
Read moreवनगमन पूर्व राम के द्वारा दान

वनगमन पूर्व राम के द्वारा दान बड़े भाई राम की आज्ञानुसार लक्ष्मण गुरु वशिष्ठ के पुत्र सुयज्ञ को अपने साथ ...
Read moreसीता और लक्ष्मण का अनुग्रह

सीता और लक्ष्मण का अनुग्रह माता कौशल्या से अनुमति प्राप्त करने तथा विदा लेने के पश्चात् राम जनकनन्दिनी सीता के ...
Read moreमाता कौशल्या से विदा

माता कौशल्या से विदा अपने पिता एवं माता कैकेयी के प्रकोष्ठ से राम अपनी माता कौशल्या के पास पहुँचे। अनुज ...
Read moreराम का वनवास

राम का वनवास राम ने अपने पिता दशरथ एवं माता कैकेयी के चरणस्पर्श किये। राम को देखकर महाराज ने एक ...
Read moreकैकेयी द्वारा वरों की प्राप्ति

कैकेयी द्वारा वरों की प्राप्ति उल्लासित महाराज दशरथ ने शीघ्रातिशीघ्र राजकार्यों को सम्पन्न किया और राम के राजतिलक का शुभ ...
Read moreकैकेयी कोपभवन में

कैकेयी कोपभवन में राम के राजतिलक का शुभ समाचार अयोध्या के घर-घर में पहुँच गया। पूरी नगरी में प्रसन्नता की ...
Read moreराजतिलक की तैयारी

राजतिलक की तैयारी दूसरे दिन राजा दशरथ के दरबार में सभी देशों के राजा लोग उपस्थित थे। सभी को सम्बोधत ...
Read moreअयोध्याकाण्ड – राजतिलक की घोषणा

अयोध्याकाण्ड – राजतिलक की घोषणा कैकेय पहुँच कर भरत अपने भाई शत्रुघ्न के साथ आनन्दपूर्वक अपने दिन व्यतीत करने लगे। ...
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