अयोध्या में आगमन

अयोध्या में आगमन परशुराम के जाने के पश्चात् पत्नियोंसहित राजकुमारों, गुरु वशिष्ठ, अन्य ऋषि मुनियों, मन्त्रियों तथा परिजनों के साथ ...
Read moreपरशुराम जी का आगमन

परशुराम जी का आगमन राजा दशरथ ने राजकुमारों, उनकी पत्नियों, ऋषि-महर्षियों, मन्त्रियों एवं परिजनों के साथ अयोध्या के लिये प्रस्थान ...
Read moreविवाह पूर्व की औपचारिकताएँ

विवाह पूर्व की औपचारिकताएँ महाराज जनक के कनिष्ठ भ्राता कुशध्वज सांकाश्यपुरी में रहकर राज्य का प्रबन्ध किया करते थे। सीता ...
Read moreअयोध्या में तैयारियाँ

अयोध्या में तैयारियाँ मिथिलापुरी से अयोध्या तक का मार्ग तीन दिनों में तय करके महाराज जनक के मन्त्री राजा दशरथ ...
Read moreराम द्वारा धनुष भंग

राम द्वारा धनुष भंग लक्ष्मण को अत्यन्त क्रुद्ध एवं आवेश में देख कर राम ने संकेत से उन्हें अपने स्थान ...
Read moreपिनाक की कथा

पिनाक की कथा दूसरे दिन प्रातःकाल राजा जनक से महर्षि विश्वामित्र ने कहा, हे राजन्! दशरथ के इन दोनों कुमारों ...
Read moreब्राह्मणत्व की प्राप्ति

ब्राह्मणत्व की प्राप्ति वार्ता जारी रखते हुए शतानन्दजी ने कहा, हे रामचन्द्र! देवताओं के चले जाने के बाद विश्वामित्र ब्राह्मणत्व ...
Read moreत्रिशंकु की स्वर्गयात्रा

त्रिशंकु की स्वर्गयात्रा इक्ष्वाकु वंश में त्रिशंकु नाम के एक राजा हुये। त्रिशंकु की इच्छा सशरीर स्वर्ग जाने की थी ...
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